नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए एक नई बुनियाद तैयार की थी। जिसे उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ इस्तेमाल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री को ये सवाल पूछने का हक नहीं है कि सड़क पर नमाज नहीं रोक सकते, तो थाने में जन्माष्टमी मनाने से कैसे रोकें। मुझे लगता है कि थाने में जन्माष्टमी और होली, दीपावली, ईद, गुरुपरब तो धूमधाम, हर्षोल्लास से मनाया ही जाना चाहिए। लेकिन, सड़क पर होने वाली नमाज हो या फिर सड़क के बीच में अवैध रूप से बना मन्दिर या कोई मजार, वो हटना ही चाहिए।

Related Posts

बतंगड़ ब्लॉग

मृणाल पांडे की जमकर आलोचना क्यों जरूरी ?

जानी मानी लेखिका, हिन्दुस्तान अखबार की पूर्व प्रधान सम्पादक और प्रसार भारती की पूर्व चेयरमैन मृणाल पांडे ने ट्विटर पर ऐसा लिख दिया है जिसे, मृणाल पांडे के समर्थन में उतरे लोग आलोचना कह रहे Read more…

वीडियो

बच्चों का स्वामी विवेकानन्द से परिचय का समय

स्वामी विवेकानन्द पर शायद ही कोई विवाद कर सके, बावजूद इसके स्वामी जी के जीवन चरित्र के बारे में हिन्दुस्तान के बच्चों-बड़ों का खास ज्ञान नहीं है। सिवाय इसके कि उन्होंने शिकागो भाषण दिया था Read more…

राजनीति

बुद्धिजीवी कौन है?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के बुद्धिजीवियों को भाजपा विरोधी बताने के बाद ये सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या बुद्धिजीवी एक खास विचार के ही हैं। मेरी नजर में बुद्धिजीवी की बड़ी सीधी Read more…