कर्नाटक के एक मंत्री के घर और दूसरे ठिकानों पर आईटी के छापे से देश में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। वो सवाल ये है कि क्या कांग्रेस मुक्त भारत के सपने को पूरा करने के लिए मोदी-शाह की जोड़ी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ केन्द्रीय एजेन्सियों का इस्तेमाल कर रही है और ये लोकतन्त्र के लिए कितना बड़ा खतरा है। लेकिन, राजनीतिक विश्लेषक हर्षवर्धन त्रिपाठी इसे दूसरे नजरिए से देख रहे हैं।