राजनीति

भइया यूपी में किसी नेता के पास जातीय मत हैं नहीं

घोर कांग्रेसी रीता बहुगुणा जोशी बीजेपी में आ सकती हैं। और वो आएंगी तो बड़े ब्राह्मण नेता के तौर पर आएंगी, ऐसा कहा जा रहा है। एक भाई विजय बहुगुणा पहले से ही बीजेपी में हैं। हालांकि, रीता पहले भी समाजवादी पार्टी में रही हैं। लेकिन, बीजेपी में उनके जाने Read more…

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योग्य चपरासी और अयोग्य अध्यापक

सोशल मीडिया पर घूमता एक तुलनात्मक तथ्य उत्तर प्रदेश से दो खबरें इस समय जबर्दस्त चर्चा में हैं। इन दोनों खबरों की वजह से एक बहस, भावनाओं का उबाल देखने को मिल रहा है। दोनों खबरों में दुख है, संवेदना है, योग्य-अयोग्य की बहस है। पहली खबर ये कि उत्तर Read more…

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सिर्फ विज्ञापनों में उत्तम है उत्तर प्रदेश

सरकारें भूल जातीं हैं कि विज्ञापन अगर सिर्फ विज्ञापन है और धरातल पर वैसा नहीं है। जैसा सरकार विज्ञापन में जनता को बताने की कोशिश कर रही है तो, फिर सरकारें नहीं रहती हैं। सरकारों के लिए अच्छी बात ये हो सकती है कि जनता की याददाश्त बहुत लंबी नहीं Read more…

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यादव सरकार!

 पंडित, ठाकुर, गुर्जर, जाट या फिर जैसे मैं हर्षवर्धन त्रिपाठी हूं तो, गाड़ी पर त्रिपाठी। ये सब लिखने का काम हमेशा होता रहता है। जाति की श्रेष्ठता या फिर जाति की दबंगई दिखाने-बताने की शायद इच्छा रहती होगी। लेकिन, इस समय उत्तर प्रदेश में एक ही जाति है जिसके साथ Read more…

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पहले जात फिर बात

कहां से रुकेगा जातिवाद। एक ही दिन में दो ऐसी घटनाएं हुईं। जिससे ये रुकना बड़ा मुश्किल लगता है। अब ढेर सारे अंतर्जातीय विवाह होकर नौजवान जातियों को गड्डमड्ड कर दें तो बात अलग है। महंगाई पर चिंतित केंद्र सरकार ने राज्यों को खाद्य मंत्रियों की बैठक दिल्ली में बुलाई Read more…

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यादव आने वाले हैं!

अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। धीरे-धीरे करीब दो साल हो गए उनके मुख्यमंत्री हुए। मुख्यमंत्री हैं और ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि कम से कम यादवों को तो इस बात का अहसास रहता है कि उनका राज है। और ये भरोसा इतनी आसानी से नहीं हुआ है। ये भरोसा Read more…

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ये उत्तर प्रदेश का चरित्र है!

इतिहास उठाकर देख लीजिए। किसी भी समुदाय, समाज की व्याख्या उसके नायकों के आधार पर ही की गई है। पहले राजे-रजवाड़े, नवाब होते थे। अब लोकतंत्र है। इसलिए चुनकर जो आ जाए वो नायक होता है। चुनकर कैसे आया ये सब महत्वहीन हो जाता है। कितने लोगों ने उसे चुना Read more…

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नौजवानी सत्ता सुधारने में लगे तो, बेहतर

” राजनीति की समस्या यही है वोट बटोरने के लिए मायावती की मूर्तियां तोड़वाने और पार्क में अस्पताल खुलवाने का बयान जरूरी था। अब यही चुनाव के समय वोट बैंक की जरूरत सत्ता में आने के बाद अखिलेश की मुसीबत बन रही है। चलिए बनवाइए मूर्ति। देखिए कितने दिन संभाल Read more…

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का भई अखिलेश, पिताजी के आगे नहीं बढ़ोगे ?

‎5 साल अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के साथ उत्तर प्रदेश के समाजवादी मायावती की कुर्सी के पीछे पड़े रहे। आखिरकार मायावती वाली कुर्सी मुलायम ने अखिलेश को सौंप दी। सबने सोचा यूपी में नए जमाने का मुख्यमंत्री कुछ नया लाएगा। लेकिन, अभी जो, फैसले होते दिख Read more…

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मायावती के दलित उत्थान की एक बानगी

मायावती की सरकार में दलित उत्थान हो रहा है। सचमुच काफी हद तक हुआ भी है। मायावती मनुवाद को गाली देतीं हैं। मायावती ने शादी नहीं की है। परिवारवाद का आरोप कम ही लगेगा। लेकिन, मायावती के खासमखास स्वामी प्रसाद मौर्य देखिए क्या मिसाल पेश कर रहे हैं। स्वामी प्रसाद Read more…

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