अखबार में

पूरे नोट लौट आने का मतलब नोटबन्दी फेल होना नहीं है !

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नोटों के आंकड़े ने नोटबन्दी के फैसले के खिलाफ पहले दिन से तर्कों की धार तेज कर रहे लोगों को और धारदार तर्क दे दिया है। एक पंक्ति में महीनों की नोटबन्दी की प्रक्रिया को देश और अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बता दिया गया। उस Read more…

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आखिरकार प्रधानमंत्री ने बता ही दिया कितना काला धन लौटकर आया

रिजर्व बैंक के गवर्नर भी औपचारिक तौर पर अभी तक ये देश को नहीं बता सके हैं कि आखिर नोटबन्दी के बाद कितना काला धन वापस आया। कई बार पूछने के बाद भी सरकार बताने को तैयार नहीं है। लेकिन, कमाल ये कि आज स्वाधीनता दिवस के मौके पर लाल Read more…

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राजनीति

खेती पर नोटबंदी का कितना असर बता रहे हैं राजकुमार यादव

राजकुमार यादव (तितिल्ले) की बात सुननी जरूरी है। हमारा खेत यही जोतते-बोते हैं। हमने पूछा नोटबंदी होने से खेती क बर्बाद होइ ग होए। तितिल्ले कहेन काहे भइया। हम कहे अरे बीज, खाद सिंचाई क पैसा कहाँ रहा। तितिल्ले कहेन भइया बिया (बीज), खाद पहिले से धरा रहा औ के Read more…

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राजनीति

आर्थिक फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया से देश का भरोसा खोता विपक्ष

2 दिसंबर को दैनिक जागरण के संपादकीय पृष्ठ पर नोटबन्दी के फैसले ने देश की जनता को परेशान किया है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किल हो रही है। कई जगह पर तो लोगों को बेहद सामान्य जरूरत पूरा करने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। ये Read more…

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