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गुजरात चुनाव में ये कमाल भी हुआ है !

टेलीविजन चैनलों को देखकर यही लगेगा कि गुजरात चुनावों में सिर्फ और सिर्फ गन्दगी ही फैल रही है। सब नेता एक दूसरे को गाली दे रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं। लेकिन, गुजरात चुनाव के प्रचार में एक कमाल भी हुआ है और ये सकारात्मक है।

By Harsh, ago
अखबार में

22 साल के बदलाव को बदलने को तैयार नहीं हैं गुजराती

किसी राज्य में एक पार्टी की सरकार के खिलाफ एक कार्यकाल के बाद ही जिस तरह से सत्ता विरोधी रुझान हो जाता है, उसमें 22 साल से एक ही पार्टी की सरकार के खिलाफ माहौल आसानी से बनता दिख जाता है। गुजरात का चुनावी माहौल कुछ ऐसा ही है। और, Read more…

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हिन्दुत्व पर नहीं जातियों पर गुजरात चुनाव ?

2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों का सबसे सामान्य विश्लेषण यही है कि इस बार चुनाव हिन्दुत्व पर नहीं हो रहा है। बल्कि, हिन्दू जातियों के बीच हो रहा है। मुसलमान एकदम शान्त है। बस इसी आधार पर ज्यादातर विश्लेषण हो रहे हैं। जाति पर हो रहे इस चुनाव को समझने Read more…

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रंजीत झाला बता रहे हैं, क्या हो रहा है गुजरात में ?

गुजरात चुनाव हर बार की ही तरह इस बार भी जबरदस्त रोचक हैं। फर्क बस इतना है कि नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री के तौर पर यहां नहीं है। लेकिन, प्रधानमंत्री के तौर पर आ रहे हैं। राहुल गांधी लगभग बन चुके कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर जमे हैं और अमित शाह Read more…

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गुजरात का ताजा चुनावी गणित

गुजरात चुनाव पर पूरे देश की नजर है, हमेशा ही रहती है। लेकिन, इस बार कुछ ज्यादा इसलिए है क्योंकि, नरेेंद्र मोदी यहां नहीं हैं। और, इसलिए भी कि, बहुत से लोग बदलाव की उम्मीद से हैं। एक रोचक विश्लेषण मुझे समझ में आया है कि जैसे देश का मुसलमान Read more…

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जनेऊधारी हिन्दू होना राहुल के पक्ष में ?

राहुल गांधी का जनेऊधारी होने की बात प्रचारित करना या फिर शिवभक्त होना, यह सब कांग्रेस की गुजरात चुनाव तक की रणनीति है। राहुल के पिता राजीव गांधी ने भभी हिन्दू-मुसलमान दोनों के मतों के लिए कई ऐसे काम किए थे। सवाल बस यही है कि क्या गुजराती हिन्दू राहुल Read more…

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गुजराती मुसलमान साबरमती रिवरफ्रंट पर मजे कर रहा है !

दिल्ली से बैठकर कुछ ऐसा ही दिखता है कि गुजरात में मुसलमान बेहद डरा-सहमा बस किसी तरह जीवन बिता रहा है। 2002 के बाद से कुछ ऐसी ही धारणा पक्की कर दी गई है। 2002 में हुआ दंगा सभ्य समाज के लिए कलंक ही है। लेकिन, सच यह भी है Read more…

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पप्पू, फेंकू से तू चाय बेच ! की तुलना नहीं

कुछ विद्वान लोग कह रहे हैं कि पहले देश के प्रधानमंत्रियों पर भी टिप्पणी होती रही है और डॉ. मनमोहन सिंह पर तो जाने क्या-क्या टिप्पणी की गई। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चाय वाली टिप्पणी भी जायज हो जाती है। लेकिन, तू चाय बेच वाली टिप्पणी पप्पू, फेंकू, मौनमोहन Read more…

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काश ! राहुल गांधी, सोनिया गांधी बन पाते

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी अध्यक्ष बनकर देश के विपक्ष को दिशा दे सकेंगे. मुझे लगता है कि यहां राहुल गांधी को अपनी मां से सीखकर उनके जैसा ही बनना चाहिए था.

By Harsh, ago
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मंदिर-मंदिर राहुल गांधी

गुजरात चुनाव के बाद ही पक्के तौर पर पता चल सकेगा कि राहुल गांधी शिवभक्त बने रहेंगे या सिर्फ यह चुनावी भक्ति ही है। इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की शुरुआत भी राहुल गांधी ने हनुमानगढ़ी से की थी। लेकिन, उत्तर प्रदेश में दूसरे उपासना स्थलों पर भी वे Read more…

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