राजनीति

गवर्नमेंट विद द डिफ्रेंस

भारतीय जनता पार्टी के संदर्भ में पार्टी विद द डिफ्रेंस का नारा ही सबसे मजबूत पहचान हुआ करती थी। लेकिन, अब तो खुद भारतीय जनता पार्टी के नेता भी मुश्किल से ही इस नारे को इस्तेमाल करते देखे जा रहे हैं। क्या सचमुच भारतीय जनता पार्टी अब भारतीय राजनीति की Read more…

By Harsh, ago
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जय हो भारतीय लोकतंत्र

कई बार मैं सोचता था कि एक साथ देश के सारे चुनाव हों। और 5 साल तक चुनावी चकल्लस से मुक्ति रहे। देश अच्छे से चले। लेकिन, अब मुझे ये लगता है कि देश अच्छे से चलने के लिए जरूरी है कि अलग-अलग समय पर अलग-अलग चुनाव होते ही रहें। Read more…

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ये नया वीआईपी कल्चर होगा

हालांकि ये संभव नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दें। दे देंगे तो उससे मुझे कोई एतराज भी नहीं है। लेकिन, दिल्ली पुलिस तो देश की ही होनी चाहिए। दिल्ली के होने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैसे सोचते हैं मुझे नहीं पता लेकिन, यही दिल्ली पुलिस Read more…

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10% की नई राजनीति

दस प्रतिशत यही वो आंकड़ा होता है जिसके आधार पर तय होता है कि किसी संसदीय व्यवस्था में औपचारिक तौर पर विपक्षी पार्टी होगी या नहीं। और ये अद्भुत संयोग बना है कि चुनावी राजनीति की सर्वोच्च संसद और देश की राजधानी दिल्ली की विधानसभा में जनता ने विपक्ष को Read more…

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लोकतंत्र की जीत के लिए!

लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है। इसलिए दिल्ली कौन जीतेगा का जवाब है- कोई भी जीत सकता है। ये भी ठीक है कि सत्ता का नशा ऐसा होता है कि उसमें अहंकार बढ़ना पक्का है। ये भी ठीक है कि अहंकार बढ़ने से तानाशाही आ जाती है। इसलिए भाजपा Read more…

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उस दिल्ली में मोदी इस दिल्ली में बेदी

भारतीय जनता पार्टी का ये फैसला उल्टा पड़ता दिख रहा है। या सीधे कहें कि नरेंद्र मोदी-अमित शाह और अरुण जेटली का फैसला उल्टा पड़ता दिख रहा है। दिल्ली में हर ओर बीजेपी की ताजा-ताजा नेता से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बन गईं किरन बेदी के पक्ष में माहौल बनने Read more…

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विचार महत्वपूर्ण या व्यवहार

विचार ही असल है। विचार कभी मरता नहीं है। विचार जीवित रहे तो सब जीवित रहता है। हममें से ज्यादातर की सोच कुछ ऐसी ही रहती है। और शायद यही वजह है कि हम ज्यादातर घटनाओं, बदलावों को दूसरे नजरिये से ही देखते, समझते रहते हैं। हमारी सारी लड़ाई, तर्क Read more…

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अच्छे दिन के पीछे कौन

सबकुछ ठीक रहा तो झारखंड, जम्मू कश्मीर चुनाव से पहले पेट्रोल-डीजल दोनों ही 2-3 रुपये लीटर सस्ता हो सकता है। वजह अंतर्राष्ट्रीय है। कच्चा तेल $85.14/बैरल हो गया है। रुपया भी डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर है। इससे मोदी सरकार के अच्छे दिन आ गए हैं। लेकिन, सच्चाई यही है Read more…

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काला धन वालों की खास सूची सिर्फ बतंगड़ पर!

बड़ी मुसीबत है। सुप्रीमकोर्ट ने सरकार से कह दिया है कि वो काला धन वाली सूची हमें तो दे ही दो। हम उसको किसी को नहीं बताएंगे। अच्छा रहा कि सुप्रीमकोर्ट अभी ये नहीं कह रहा है कि देश के हर काला धन वाले की सूची हमें सौंपो या देश को सौंपो। Read more…

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उम्मीद से होने से पहले सोचें!

महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भाजपा के जो तीन नाम आ रहे हैं, उसे जानकार राजनीतिक, पीढ़ीगत बदलाव के तौर पर देख रहे हैं। मोदी-अमित शाह कुछ जादू करने के मूड में न हों तो, देवेंद्र फडणवीस, विनोद तावड़े और पंकजा मुडे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। विनोद तावड़े 50 Read more…

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