गुरमीत सिंह पर आए फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या समाज की हर बुराई को खत्म करने का काम अब सिर्फ और सिर्फ न्यायपालिका के ही जरिए हो सकेगा। मुझे लगता है कि इससे गलत आशा कुछ नहीं हो सकती है।