Paradise Papers सामने आया, तो लोग चोर-चोर चिल्लाने लगे हैं। और, यह सच भी है कि ज्यादातर लोग या कम्पनियां जिनको लेकर जनता में सन्देह है, वह सारे इस दायरे में दिख रहे हैं। लेकिन, चोर-चोर कहने का हर कोई अपनेे पक्ष में बस इस्तेमाल कर लेना चाहता है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। इसका दुष्परिणाम यह होगा कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा, पनामा और दूसरी ऐसी जानकारियों की तरह। और, अगर दुनिया यह समझ सके कि दुनिया की तरक्की का गलत रास्ता हमने चुन लिया है, सामाजिक जवाबदेही खत्म होने का नतीजा है।


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