तीन तलाक पर फैसला आ गया या कहें कि अदालत फैसला देने से भी बच गई और फैसला भी सुना दिया। ये धर्मनिरपेक्ष फैसला है। लेकिन, 3-2 से आए इस फैसले ने बहस की बड़ी गुन्जाइश छोड़ दी है। जैसे लोकतंत्र में चुनाव जीतने पर सत्ताधारी पार्टी जीत दिखाती है और हारी हुई पार्टी मतों का प्रतिशत। मुस्लिम महिलाओं के हक में ये बड़ा फैसला है, दुनिया के लिए नजीर बनेगा। आधुनिक भारत, सम्विधान के लिहाज से चलने वाले भारत में समान नागरिक संहिता की भी बात होनी चाहिए।

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