भारतीय राजनीति में लम्बे समय से ढेर सारी पार्टियां मुसलमानों के हक में आवाज बुलन्द करती रहीं। कुछ उसी तरह से जैसे लगभग हर सरकार गरीबी हटाओ की आवाज बुलन्द करती रही। लेकिन, न गरीबी हटी और न ही मुसलमानों के हक में खास हो पाया। कमाल की बात यह है कि, भारतीय जनता पार्टी जाहिर तौर पर मुसलमान विरोधी पार्टी रही। भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता कहते रहे कि, हम सिर्फ हिन्दुओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। लेकिन, आज मुसलमानों के जीवन में बेहतरी लाने वाले ज्यादातर फैसले बीजेपी की ही सरकार कर रही है। इसके बावजूद हिन्दू-मुसलमान का राग धीमा होने के बजाय तेज हो रहा है। क्यों भला ?