2019 में प्रयागराज में कुम्भ मेले का आयोजन होना है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुम्भ मेले का लोगो यानी प्रतीक चिन्ह जारी कर दिया है। सरकार इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाने में कोई कसर नहीं रखना चाहती। इसी बीच हज सब्सिडी केंद्र सरकार ने खत्म कर दी। हालांकि, इसकी बुनियाद अदालत का फैसला है। लेकिन, इससे कई लोग यह सवाल भी खड़ा करने लगे कि, कुम्भ जैसे आयोजनों पर भी तो सरकार खर्च करती है। दरअसल, इस बुनियादी फर्क को हमें समझना होगा। कुम्भ मेले पर होने वाला सरकारी खर्च किसी को धार्मिक कार्य के लिए दिया जाने वाला सरकारी अनुदान नहीं है। कुम्भ या माघमेले में महीने भर रहने वाले लोग तो अन्नक्षेत्र किसी का दिया कुछ लेते भी नहीं हैं। दुनिया के सबसे बड़े और अनोखे कुम्भमेले के जरिए हिन्दुस्तान की जो ब्रांडिंग होती है, जाने कितने हजार करोड़ रुपए खर्च करके भी कोई सरकार उस तरह की ब्रांडिंग नहीं कर सकती। बिना न्यौते का ऐसा मेला दुनिया में कहीं नहीं होता।