निर्भीक पत्रकारिता के लिए हमेशा राह मुश्किल रही है। लेकिन, अभी निर्भीक पत्रकारिता जिस तरह से एक खास तरह के सवाल पूछने और एक खास तरह के सवाल छोड़ देने से निर्भीक और साहसी पत्रकार बनने का रास्ता नए पत्रकारों को भ्रमित करने लगा है।