भारतीय राजनीति में आर्थिक नजरिये को हमेशा बड़ी हेय दृष्टि से देखा जाता रहा है। उसी का परिणाम रहा कि देश के 2 सबसे बड़े राज्य देश के सबसे पिछड़े राज्य बने रहे। बावजूद इसके कि ये दोनों राज्य राजनीतिक तौर पर हमेशा अगुवाई करते रहे। शायद अब नई राजनीति से इन दोनों राज्यों के हालात कुछ बदलें। खासकर बिहार के।

Related Posts

बतंगड़ ब्लॉग

पार्टियों को जनादेश के एजेंडे पर ही चलना चाहिए

भारतीय जनता पार्टी की सरकार क्या राममंदिर का एजेंडा लागू करना चाहती है? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या में भव्य दीपावली मनाने के बाद राम जन्मभूमि पर जाने से यह सवाल बड़ा हो गया है। Read more…

बतंगड़ ब्लॉग

अयोध्या में त्रेतायुग उतारने की कोशिश के मायने

आज योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि भी होकर आए। उससे पहले कल अयोध्या को दीपावली के लिए ऐसे चमकाया गया, जैसा हाल के वर्षों में कभी न हुआ। अवध नगरी में बरसों बाद समृद्धि दिखी। एक Read more…

बतंगड़ ब्लॉग

‘पूंजीवादी मोदी’ से लड़ने में लगा विपक्ष ‘समाजवादी मोदी’ से हारता जा रहा है

एक कार्यक्रम में तेजी से सड़क बनाने के लिए मशहूर होते जा रहे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि दुनिया आर्थिक विकास के साम्यवाद, समाजवाद और पूंजीवाद के मॉडल से सारी मुश्किलों का Read more…