गुजरात चुनाव पर पूरे देश की नजर है, हमेशा ही रहती है। लेकिन, इस बार कुछ ज्यादा इसलिए है क्योंकि, नरेेंद्र मोदी यहां नहीं हैं। और, इसलिए भी कि, बहुत से लोग बदलाव की उम्मीद से हैं। एक रोचक विश्लेषण मुझे समझ में आया है कि जैसे देश का मुसलमान खास पार्टियों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में जुड़ा है, वैसे ही गुजरात में पटेल (पाटीदार) भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा है। इसीलिए गुजरात का चुनावी गणित हल करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।


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