सरकारें पिछले कुछ सालों की तरह इस साल भी पर्यावरण को लेकर जाग गई हैं। केंद्र सरकार चुप्पी साधे है, तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल लम्बे समय के बाद बोल रहे हैं। बता रहे हैं कि उनके पास इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। लेकिन, वे दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए सबके दरवाजे जाएंगे, समस्या के समाधान के लिए। ट्विटर पर कैप्टन अमरिन्दर को उन्होंने लगभग ट्रोल करा दिया है। अब ऑड-इवेन लागू कर दिया है, जो हमेशा समस्या को थोड़ा आगे सरकाकर और बड़ा करने में काम आता है। निर्माण पर भी रोक लगी है। लेकिन, सवाल यह है कि आखिर लाखों फ्लैट की डिलीवरी न कर पाने वाले बिल्डरों को फिलहाल कुछ सालों के लिए नया फ्लैट बनाने पर रोक लगाने में क्या दिक्कत है?