चन्डीगढ़ में एक लड़की को छड़ने के मामले में भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को बचाने के आरोप लग रहे हैं। दुखद ये है कि ये आरोप उस पुलिस पर लग रहे हैं जिस पुलिस ने आधी रात में उस लड़की के साथ किसी भी तरह की दुर्घटना होने से बचा लिया। एक आईएएस अधिकारी की बेटी होने की वजह से मामला दर्ज कर लिया गया। लेकिन, सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष का बेटा होने से सुबह धाराएं बदल गईं। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी का मानना है कि मोदीराज में इस तरह की घटनाएं होने से जनता नाउम्मीद होगी और ऐसे मामले में जनता की उम्मीद का जाना देश की राजनीति के लिए अच्छा नहीं होगा।