अखबार में

शान्तनु भौमिक की हत्या की सीबीआई जांच क्यों नहीं चाहते माणिक सरकार ?

त्रिपुरा के नौजवान पत्रकार शान्तनु भौमिक की हत्या के 2 महीने बीत गए हैं। लेकिन, शान्तनु की हत्या के अपराधियों को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। शान्तनु त्रिपुरा की जनजातीय पार्टी आईपीएफटी के प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे थे। उस दौरान सीपीएम और आईपीएफटी के कार्यकर्ताओं के बीच Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

पत्रकारों से दीपावली मंगल मिलन में मोदी का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

इस बात की चर्चा जब भी होती है कि कांग्रेस इस तरह से देश से क्यों गायब होती गई, तो उसमें ढेर सारी वजहों के ऊपर एक सबसे बड़ी वजह कोई भी बता देगा कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। कांग्रेस एक परिवार की पार्टी बन गई, यही कांग्रेस Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

अर्थव्यवस्था क्या सचमुच इतने बुरे दौर में है?

यशवन्त सिन्हा ने कहाकि अर्थव्यवस्था बुरे दौर में है। जयन्त सिन्हा ने कहाकि अर्थव्यवस्था अच्छे दौर में है। खैर, अर्थव्यवस्था का अच्छा-बुरा होना बाप-बेटे की राय भर से तय नहीं होने वाला। लेकिन, यह सवाल बड़ा हो गया है। नोटबन्दी का फैसला सही है क्या? उसका परिणाम अर्थव्यवस्था के लिए Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

कांग्रेस को नया नेता खोजने पर जोर देना चाहिए

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ निजी तौर पर मेरी बड़ी सहानुभूति है। और इस सहानुभूति की सबसे बड़ी वजह यह है कि निजी तौर पर राहुल गांधी मुझे भले आदमी नजर आते हैं। लेकिन, मुश्किल यह है कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए सिर्फ भला आदमी होना पर्याप्त योग्यता नहीं Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

पूरे नोट लौट आने का मतलब नोटबन्दी फेल होना नहीं है !

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नोटों के आंकड़े ने नोटबन्दी के फैसले के खिलाफ पहले दिन से तर्कों की धार तेज कर रहे लोगों को और धारदार तर्क दे दिया है। एक पंक्ति में महीनों की नोटबन्दी की प्रक्रिया को देश और अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बता दिया गया। उस Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

हत्या में सम्मान की राजनीति की उस्ताद कांग्रेस

गौरी लंकेश को कर्नाटक सरकार ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ अन्तिम विदाई दी। गौरी लंकेश को राजकीय सम्मान दिया गया और सलामी दी गई। इस तरह की विदाई आमतौर पर शहीद को दी जाती है। भारतीय इतिहास में किसी पत्रकार को हत्या के बाद इस तरह का सम्मान दिया Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

‘कृष्णा’ के दौर में भी ‘कृष्ण’ बने रहना मामूली बात नहीं

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति हो गए। आज ‘राम’नाथ की ही चर्चा का समय है। लेकिन, इस समय मैं ‘कृष्ण’ की बात कर रहा हूं। हालांकि, मैं कृष्ण भगवान की चर्चा मैं कतई नहीं करने जा रहा हूं कि कैसे कृष्ण इस्कॉन और अग्रेजों की संगत में पहुंचकर कृष्णा Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

AAP, AGP की तरह दिखने लगी है !

दिल्ली को देश की राजधानी होने से खास सहूलियत मिली हुई है। यहां सब खास होते हैं। कमला ये कि उस खास दिल्ली में आम आदमी की बात करके एक पार्टी सत्ता में पहुंच गई। सत्ता में यूं ही नहीं पहुंच गई, सत्ता में वो आम आदमी पार्टी नाम रखकर Read more…

By Harsh, ago
अखबार में

उद्यमियों से तय होगा नए भारत का भविष्य

बजट 2017 कई मायने में बड़ा अलग सा रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली के पूरे बजट भाषण को देखने पर ज्यादातर समय ये नॉन इवेंट जैसा ही दिखता रहा। क्योंकि, पूरे बजट में कोई भी ऐसा एलान नहीं हुआ। जो किसी खास वर्ग को अलग से कुछ देने की Read more…

By Harsh, ago