लग
रहा है कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया manish sisodia
बेहतर कर रहे हैं। लेकिन, अभी
अपने शहर इलाहाबाद का अखबार देखते हुए दैनिक जागरण में ये एक पन्ने का विज्ञापन
दिखा, तो मुझे संदेह हो रहा है कि ये काम
करने की नीयत है या काम करते हुए दिखने की। वैसे तो दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को
सरकारी आदेश देने के लिए किसी अखबार में विज्ञापन की जरूरत क्या है। और अगर है भी
तो वो सिर्फ दिल्ली के अखबारों में विज्ञापन देने की है। Allahabad इलाहाबाद के अखबारों में
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को ध्यान दिलाने की कोशिश सिर्फ और सिर्फ Propaganda प्रोपोगैंडा
नजर आता है। तो क्या आम आदमी पार्टी और इसके नेता लोकलुभावन राजनीति को नए सिरे से
साबित कर रहे हैं। हर रोज मैं
इलाहाबाद की ई पेपर पढ़ता हूं, तो वहां छपे विज्ञापन पर सवाल खड़ा हुआ। लेकिन, जब
उसके बाद Facebook फेसबुक की मेरी पोस्ट पर देश के अलग-अलग हिस्से के लोगों ने बताया कि देश
में लगभग हिंदी पट्टी में हर जगह विज्ञापन गया है। मेरी फेसबुक पोस्ट पर लोगों की
जो टिप्पणी आई उसे भी लगा रहा हूं।
Shiv Om लिखते हैं They are literally worst thing of modern politics of
country who emerge by hype and propaganda ..it’s ridiculous..
Ashotosh Tripathi लिखते हैं choro ki ek nai jamat hai jo bhedie aur siyar se bhi jada
dhoorta hai
Amit Jain लिखते हैं कि MP के अखबारों में भी है
Ramesh Verma ने बताया कि हिसार में भी आया है
Kamal Tiwari व्यंग्य करते हैं ढिंढोरा पीटना भी तो काम करने जैसा होता
है सर
Prem Kumar Sharma
कह रहे हैं daonik jagran ke sabhi edition. mein. dena hi thaa to delhi
and punjab mein dete..Punjab mein next yr election hai
Satish Mani Tripathi ने लिखा दिल्ली
जनता का धन आपिये अपने प्रचार में खर्च कर रहे हैं
Mohit Chopra की टिप्पणी थोड़ा हटकर Sir sasaram main bjp jagjeevan ram ji ki
jayanti nahi manayegi…. Noida main manayegi??? Sirf UP K DALIT SANSAD HI
UTTHAR KARENGE DALITO KA… YE DESH KI SARKAR HAI YA UP KI???? VISTAR, PRACHAR
YE MODI G NE HI TO SIKHAYA HAI
Swami Nandan कह रहे हैं कि झारखण्ड के अख़बार भी इससे अछूता नहीं
है
Vivek Rai अनुमान लगा रहे हैं बिहार
में यही विज्ञापन छपा है मै भी हैरान हूँ …………इसके लिए कम से कम 500000 ₹पाँच लाख लगा होगा
इससे मुझे तो यही लगा कि बाबा Ramdev रामदेव की ही तर्ज पर Arvind Kejriwal अरविंद
केजरीवाल भी अब विज्ञापन की आड़ में मीडिया की बोली लगा रहे हैं। काफी हद तक सफल
भी हैं। किसी भी अखबार में दिल्ली के बाहर दिल्ली के स्कूलों से संबंधित विज्ञापन
देना भी उसी नीति का नतीजा है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय 92.7 BIG FM बिग एफएम के साथ ऐसे ही विज्ञापनों की श्रृंखला की थी।
जिसमें आम आदमी पार्टी की प्रचार होता विज्ञापन के तौर पर था। लेकिन, चैनल की RJ ऋचा अनिरुद्ध के आम आदमी पार्टी के पक्ष में लोगों से बात
वाला हिस्सा ऐसे काटकर लगाया गया था कि विज्ञापन की बजाय वो जनता की आवाज लगने
लगती थी। ये राजनीति बदलने आए थे। बदल रहे हैं।