डेरा सच्चा सौदा के आश्रम से एक और साध्वी गायब हो गई। एक और साध्वी इसलिए कि इसके पहले भी बाबा राम रहीम सिंह पर साध्वियों को गायब कराने और उनके साथ बलात्कार तक के आरोप लग चुके हैं। कमाल ये है कि इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी अब तक राम रहीम के खिलाफ न तो, पंजाब या हरियाणा की राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार कुछ कर पाई है।

आश्रम से गायब हुई साध्वी सुखजीत कौर का गायब होना इसलिए भी ज्यादा महत्व का हो जाता है। क्योंकि, सुखजीत कौर, खट्टा सिंह की भतीजी है। वही खट्टा सिंह जिसने सीबीआई के सामने राम रहीम के खिलाफ ये बयान दिया है राम रहीम सिंह ने उसे और दूसरे 6 लोगों को रंजीत सिंह की हत्या करने का आदेश दिया था। सिरसा में बाबा के आश्रम के बारे में पहले से ही ये खबरें आती रही हैं कि आश्रम के हर तरह के कुकर्म होते हैं। और, बाबा के चोले की वजह राम रहीम का पाप लोगों के सामने नहीं आ पाता।

रंजीत सिंह की हत्या 2002 में हुई थी। कहा जाता है कि राम रहीम सिंह के खिलाफ रंजीत सिंह ने अखबारों में सूचनाएं दी थीं। और, उस समय खट्टा सिंह राम रहीम का निजी वाहन चलाता था। कुछ दिन पहले ही एक टीवी चैनल पर एक वरिष्ठ संवाददाता ने कहा था कि उन्होंने एक महीने तक राम रहीम के सिरसा आश्रम की जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की। लेकिन, सिरसा के आश्रम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से सिर्फ वही बाबा का आशीर्वाद पा सकता है जिसे बाबा खुद आशीर्वाद देना चाहें। वैसे इस संवाददाता ने एक साध्वी से बाबा के बलात्कार करने के मामले में काफी पुख्ता जानकारी इकट्ठा की थी। जिसका जवाब चैनल पर आए डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता आदित्य इंसान ठीक से नहीं दे पाए।

ये आश्चर्य ही है कि इस मामले की जांच करीब दो साल से सीबीआई के पास है। फिर भी अब तक राम रहीम के काले कारनामों की पोल जनता के सामने नहीं खुल पा रही है। बाबा राम रहीम कहने को तो, सिख धर्म की विसंगतियों से ऊबे लोगों को इकट्टा करने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन, सच्चाई यही है कि राम रहीम को लंबी लग्जरी कारों में घूमने, रंगीन-चमकीले कपड़े पहनने और भोग विलास का शौक है। इन्हीं बाबा राम रहीम की वजह से महीने भर से ज्यादा दो राज्यों (पंजाब और हरियाणा) के लोग बंधक बने हुए थे। पूरे देश में आतंक फैल गया था।

राम रहीम गुरु गोविंद सिंह बनना चाहते हैं। उनके जैसे कपड़े पहनकर तस्वीरें छपवाने पर विवाद खड़ा हो गया। लेकिन, खुद को संत बताने वाले राम रहीम को दो राज्यों की जनता के भले के लिए गुरु गोविंद सिंह से भी माफी मांगने में इतना समय लग गया कि राज्य में फिर से अलगाववादी ताकतें सिर उठाने लगीं।
राम रहीम सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो पाने के पीछे सरकारें ढोंगी बाबा के भक्तों की आस्था को न छेड़ने की मजबूरी बताती हैं। लेकिन, मुझे समझ में ये नहीं आता कि जब राम रहीम के खिलाफ बलात्कार और हत्या के मामले सीबीआई के सामने सिद्ध हो चुके हैं। तो, फिर सीबीआई को सरकार सीधे कार्रवाई की इजाजत क्यों नहीं दे रही है। जिन भक्तों की आस्था पर चोट करने से सरकारें डर रही हैं। राम रहीम उन्हीं की इज्जत लूट रहे हैं। जो, भी उनकी खिलाफ गया उसकी हत्या करवा रहे हैं। सबसे बड़ी बात ये कि, आस्था पर चोट का डर उस सरकार को है। जो, दुनिया भर में पूजे जाने वाले भगवान राम के भी होने का प्रमाण इतिहास में खोजने की कोशिश कर रही है।


3 Comments

Sanjeet Tripathi · September 25, 2007 at 5:41 pm

राजनीति, वोटबैंक, हमारी सरकारें इनसे उपर उठ कर सोच पाएंगी कभी?

Anonymous · August 15, 2009 at 1:50 pm

main is baat se sehamt hoon ki sarkar darti k kahi unka vote bank na doob jaye

ROHIT · April 22, 2011 at 4:42 am

aap ko kya lagta hai aapne ye sach likha hai??? kya aap ke paas in baato ka koi paroof hai???? harsh ji midal ho kar saocho ek tarfa mat likho…kya aapne kabhi dere dwara manvta bhlai ke ke baare main bhi blog pe kuch publish kiya hai??? kya aapne kabhi dere main aakar dekha ki waha kasa mahool hai,,, aap un gharo se pucho ki dere ki kya ahmiyt hai jo pehle shrab ki gandgi se ghire the or aaj waha suckh shanti hai,,,,, jo dere ke kehlaf mamle hai ye aap bhi jante hai or main bhi..ye sab mamle rajniti ke karan hai… chalo aap ko bolne ka haqq hai lekin plz pehle tathyo ko parkha karo phir kuch likho to acha hoga…

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