‎5 साल अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के साथ उत्तर प्रदेश के समाजवादी मायावती की कुर्सी के पीछे पड़े रहे। आखिरकार मायावती वाली कुर्सी मुलायम ने अखिलेश को सौंप दी। सबने सोचा यूपी में नए जमाने का मुख्यमंत्री कुछ नया लाएगा। लेकिन, अभी जो, फैसले होते दिख रहे हैं उससे लग रहा है कि अगले 5 साल अखिलेश, उनकी सरकार और उनके समाजवादी मायावती सरकार के पिछले 5 साल के फैसले के पीछे पड़े रहेंगे। नतीजा- उत्तर प्रदेश तो, पीछे ही जाएगा। इससे बेहतर तो, बहन जी ही थीं। कम से कम आगे वाला काम तो, करती थीं। शाने अवध अब उनके लखनऊ के पार्क में बढ़िया अहसास कराती है। F 1 ट्रैक पर यूपी भी रफ्तार भरने का अहसास दिलाता है। बंद ही सही लेकिन, शानदार नोएडा का पार्क भी विकसित देशों के शहरों से टक्कर लेता दिखता है। यहां तो, बस सारी मेहनत अखिलेश की पलटने में ही जाती दिख रही है।