सर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम और ऐसे सारे दर्द के लिए क्रोसीन या ऐसी दूसरी टैबलेट (गोली) पर रोक लगाने की बातें हो रही हैं। देखिए कब तक ‘वोट दर्द’ के लिए राजनीतिक पार्टियों की ओर से दिए जा रहे टैबलेट (छोटा कंप्यूटर) पर प्रतिबंध लगता है। अन्ना बाबा देखो और समझो ! इस देश में चुनाव में भ्रष्टाचार कोई मुद्दा नहीं है। न ही किसी पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में, न किसी पार्टी के घोषणापत्र में और न ही वोटर के लिए वोट देते समय।

4 Comments

Praveen Trivedi · January 28, 2012 at 7:03 am

जय लोकतंत्र जय प्रजातंत्र !!
हम अंदर से कितने हरिश्चंद्र?

प्रवीण पाण्डेय · January 28, 2012 at 9:30 am

जय हो..

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) · January 29, 2012 at 3:54 am

आज 29/01/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर (सुनीता शानू जी की प्रस्तुति में) लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

आशा जोगळेकर · February 12, 2012 at 3:44 am

राजनीतीज्ञों को लोगों की कमजोर याददाश्त पर पूरा भरोसा है ।

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