” राजनीति की समस्या यही है वोट बटोरने के लिए मायावती की मूर्तियां तोड़वाने और पार्क में अस्पताल खुलवाने का बयान जरूरी था। अब यही चुनाव के समय वोट बैंक की जरूरत सत्ता में आने के बाद अखिलेश की मुसीबत बन रही है। चलिए बनवाइए मूर्ति। देखिए कितने दिन संभाल पाते हैं। ”


1 Comment

आशा जोगळेकर · August 6, 2012 at 11:56 pm

अगर पिता की ही लकीर पर चलते रहे अखिलेश तो कैसे कुछ कर पायेंगे ?

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