बुधवार बाजार में कम दामों का फायदा लेने के लिए ग्रेट इंडिया प्लेस के बड़ा बाजार पहुंचा तो, गेट पर खड़े सिक्योरिटी वाले ने दोनों हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए नमस्कार किया। अंदर बड़ा ही आध्यात्मिक अहसास हो रहा था। समझ में आया कि आम दिनों की तरह बिग बाजार में सुनाई देने वाला फिल्मी, रॉक-पॉप टाइप संगीत की जगह सुमधुर ध्वनि गायत्री मंत्र की आ रही थी।

दरअसल नवरात्रि की वजह से बिग बाजार में ये बदलाव देखने को मिल रहा था। और, ऑफिस जाने की जल्दी की वजह से सुबह साढ़े दस बजे ही मैं बिग बाजार पहुंच गया था वो, भी एक वजह थी। खैर, इससे ये भी साबित हो रहा था कि भारतीय परंपरा में भरोसा रखने वालों की बाजार में खर्च करने की ताकत बढ़ रही थी। और, इसीलिए बाजार में मुनाफा कमाने की इच्छा रखने वालों को भारतीय परंपराओं का भी सम्मान करना पड़ रहा है। देखिए रास्ता बाजार के बीच से भी है। बस ये समझना पड़ेगा कि उसके लिए रास्ता बनाना कैसे हैं।

कल अनिल पुसदकर जी पूछ रहे थे कि क्या फलाहार पार्टी देने से पाप लगेगा। अब ये पाप-पुण्य की नेताओं से आप पूछ ही क्यों रहे हैं। उन्हें पाप-पुण्य वोट से ही समझ में आता है। इस लिहाज से वो, अपने पुण्य का इंतजाम कर रहे हैं आपको एतराज क्यों है। और, देखिए अब तक बाजार की ताकत सब अमरीका, पश्चिम से तय होती रही है तो, उनके त्यौहार, खुशी के दिन दुनिया भर के लोग खुश होकर कार्ड. केक खरीदते-देते-लेते हैं। कांटा इधर घूम रहा है तो, हो सकता है कि नवरात्रि व्रत भी कॉरपोरेट स्टाइल में हो नेता इसका सार्वजनिक दिखावा भले न करें। बस बाजार में ताकतवर बनिए।

पहले भी एक पोस्ट में मैंने लिखा है कि किस तरह कलर्स चैनल भारतीय मूल्यों के साथ बाजार पर कब्जा कर चुका है। अभी एक दिन खतरों का खिलाड़ी देख रहा था तो, खतरों के सबसे बड़े खिलाड़ी अक्षय कुमार ने साथ की हसीनाओं से कहाकि अगला टास्क नंबर 10 बहुत खतरनाक है इसलिए टास्क को करने से पहले हम सब एक बार इस मंत्र का जाप करेंगे और फिर एक साथ कई आवाजें आने लगीं …. ऊं भूर्भुव:  स्व: ……    सब बाजार का कमाल है देखते जाइए


4 Comments

नीरज गोस्वामी · September 24, 2009 at 7:05 am

सच कहा…बाज़ार जो न करवा दे कम है…आगे आगे देखिये होता है क्या…
नीरज

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey · September 24, 2009 at 11:25 am

ऊं बाजारायै नम:!

काजल कुमार Kajal Kumar · September 26, 2009 at 3:45 pm

दिल्ली के कुछ पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों को हाथ जोड़ कर नमस्ते करते देखा था. परसों ताज मान सिंह होटल में भी हाथ जोड़ कर नमस्कार कहते पाया तो अच्छा लगा. नवरात्रि ही सही, हाथ जोड़ कर नमस्कार करने वाले के देख कर अच्छा लगता है, लोग ओर जगह अपने से लगते है..

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