आखिरकार बिग बॉस के घर में देश के छंटे हुए लोगों का पहला हफ्ता बीत गया। बिग बॉस की नजर सब पर थी। इसलिए संजय निरुपम को ही जाना था और वो, बिग बॉस के घर से बाहर गए। मुझको तो वजह भी साफ दिखती है। बिग बॉस के घर में रहकर जितनी नौटंकी-कमीनापन और नंगई करनी है वो, संजय कर नहीं पा रहे थे। कम से कम परदे पर बिग बॉस की नजरों के सामने तो नहीं ही कर पा रहे थे (परदे के पीछे तो नेता सब करते ही हैं ये, तो जनता जानती है और मानती भी है)। और, संजय का काम भी हो चुका था-बिग बॉस का भी।

पहले बिग बॉस के काम की बात करें तो, वो ये कि देश में छोटे परदे पर सबसे ज्यादा लोग नई बिग बॉस (शिल्पा शेट्टी) को जानें। और, इससे परदे के पीछे के बॉसेज (प्रोडक्शन हाउस और कलर्स चैनल) को सबसे ज्यादा कमाई हो। वो, दोनों काम तो होने शुरू हो गए हैं। और, बिग बॉस के घर के बादशाह (कमीनतम व्यक्ति) का नाम सबके सामने आते-आते ये काम काफी हद तक पूरा हो चुका होगा।

अब बात संजय निरुपम के काम की। तो, दरअसल ये सिर्फ संजय निरुपम का ही काम नहीं है। बिग बॉस के घर पहुंचे सभी मेहमानों की आखिरी ख्वाहिश (जैसी फांसी पर लटकने से पहले किसी मुजरिम की होती है) पूरी होने जैसा है। बिग बॉस के चरित्रों को अगर ध्यान से देखिए तो, ये ज्यादातर लोग अपना कोई न कोई पाप धुलने के लिए बिग बॉस का चरण-चांपन करने पहुंचे हैं। जिनके पाप नहीं हैं वो, पापियों की जमात में बहती गंगा में हाथ धोने जैसा पहुंचे हैं।

कैसे, देखिए- चलिए संजय निरुपम से ही शुरू करते हैं। संजय पता नहीं कब से मुंबई में हैं (उनसे पूछना पड़ेगा) लेकिन, अभी भी बिहारी हैं (शिवसेना भी उनका इस्तेमाल मारपीट में ही करती रही, अब कांग्रेस में रहकर भी बस राज ठाकरे के खिलाफ मोर्चा निकालने का काम करके मीडिया में दिखते हैं)। तो, उनको अपनी इमेज इस मायानगरी मुंबई के लिहाज से कुछ फिच करवानी थी। उनको बाहर करने की वोटिंग में केतकी ने सबसे बड़ी वजह भी यही बताई कि वो, हम कलाकारों (मायावी) के बीच कंफ्यूज थे।

नेता के बाद बात नेतापुत्र की। बिग बॉस शुरू होने के पहले एक खबर मुंबई मिरर में छपी थी जिसकी शुरुआत कुछ इस तरह से थी कि अपने समय में प्रमोद महाजन भले ही किसी को भी बॉलीवुड स्टार या पॉलिटिक्स स्टार बनाने की हैसियत रखते हों। उनके बेटे राहुल महाजन को बिग बॉस अपने घर का मेहमान बनाने को तैयार नहीं हैं। बाद में राहुल के एक दोस्त के हवाले से ये खबर साफ हुई कि बड़ी मुश्किल से उन्हें बिग बॉस के घर में एंट्री मिली। पिता की दर्दनाक मौत के बाद गम भुलाने के लिए थोड़ा नशा पत्ती (हां, पांच सौ की पत्ती पर रखकर) ही तो किया था, पत्नी को इतना प्यार किया था तो, थोड़ा दो-चार हाथ नसे में जड़ दिए तो, जमाने ने बेचारे की पूरी इमेज ही बिगाड़ दी। अब इस सब पर सच्चाई जमाने को बताने के लिए और सब भुलाकर छवि साफ करने के लिए बिग बॉस के घर से बेहतर जगह कौन हो सकती थी। शिल्पा को राहुल cute लगता है।

एक और पापी (राम-राम बेचारी पाक साफ बच्ची के ऊपर किस-किस तरह के आरोप लगे)। देश के मोस्ट वॉन्टेड डॉन्स में से एक अबू सलेम से बेचारी ने प्रेम क्या किया। पूरे मीडिया समाज ने उसे और उसके मां-बाप को जिल्लत भरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर कर दिया (ये सब मोनिका बेबी ने रो-रोकर खुद बिग बॉस के घर में बताया)। दिल की साफ-सच्चा मोनिका बेबी ने तो परदे पर ही लगे हाथ छवि सुधारने में मदद के लिए बिग बॉस का शुक्रिया भी अदा कर दिया। छत न होने का हवाला (हवाले से कुछ पैसे तो मिले ही होंगे) देकर संजय निरुपम से एक घर की हामी भी भरवा ली।

संजय निरुपम को पानी पी-पीकर गाली देने वाली संभावना शेठ। संजय निरुपम के करीब-करीब बेशर्म कह देने से नाराज संभावना ने बिग बॉस के घर के हर कैमरे पर एंगल से कहा- मैं नंगी होकर तो नहीं घूमती। भोजपुरी फिल्मों की ये आइटम गर्ल हर दूसरे मिनट परदे पर ठक ठिका ठक ठिका ठक ठिका ठा… की धुन पर भौंडे तरीके से कूल्हे और बदन मटकाने लगती है। इच्छा ये कि ये ठक ठिका उसे भोजपुरी से उठाकर हिंदी फिल्मों की आइटम गर्ल बना दे।

और, संभावना जिसके कंधे पर सर रखकर रो पाती है वो, राजा। वैसे, संभावना ने राजा चौधरी के कंधे पर रोते-रोते वो बता दिया जो, पेज 3 पत्रकारों के लिए आगे बड़ी चटपटी ब्रेकिंग न्यूज होने वाली है। राहुल महाजन अपनी प्रेमिका पायल के साथ शो में है। लेकिन, वो डॉन की माशूका का हाथ थामने का कोई मौका छोड़ नहीं रहा है। अरे, राजा चौधरी को भूल गए आप लोग। जिसने अपनी पत्नी श्वेता तिवारी को जमकर पीटा था- फिर जब पूरी मीडिया इकट्ठा हो गया तो, उसने कहाकि उसने पब्लिसिटी के लिए ये सब नौटंकी की थी। अब जब राजा चौधरी मीडिया का इतनी आसानी से इस्तेमाल करने में माहिर हैं तो, फिर बिग बॉस के घर में वो क्या-क्या गुल खिलाएंगे देखते रहिए।

एहसा……………न कुरैशी हर शब्द को लंबा खींच-खींचकर लोगों को हंसाते-हंसाते थक गए थे और शायद खुद भी पक गए थे। उनका दर्द ये कि किराने की दुकान वाला भी उनको सामान देने से पहले कहता है हंसाके दिखाओ तब राशन दूंगा।

MTV ROADIES जीतकर सहारनपुर का देसी-भदेस छोरा आशुतोष भी चर्चित हो गया है। MTV ROADIES वही- कमीनेपन में अपने साथ के लोगों को पीछे छोड़ने वाला मुकाबला। अब वो, बिग बॉस जीतकर शहरी लोगों पर देहाती कमीनेपन को साबित करने की होड़ मे जुट गया है। वैसे, राहुल महाजन और आशुतोष को ही बिग बॉस के घर के कमीनेपन के मुकाबले का बादशाह माना जा रहा है।

केतकी माताजी टाइप इमेज से बाहर निकलना चाहती हैं तो, देबोजीत के पास फिलहाल कोई दूसरा रियलिटी शो नहीं है और न ही कोई म्यूजिक टूर। तो, सोचा चलो बिग बॉस के घर में ही तानपूरे पर रियाज करेंगे। अकेला गायक होने से कोई मुकाबला भी नहीं है। और, लोगों को कोई जानता ही नहीं। इसलिए वो, परदे पर दिख रहे हैं यही बहुत है।


13 Comments

Udan Tashtari · August 23, 2008 at 1:06 am

चलिये इसी बहाने काफी जानकारी मिल गई आपसे. 🙂

दिनेशराय द्विवेदी · August 23, 2008 at 2:52 am

छटे छंटाए लोगों के बारे में जानकारी मिली। धन्यवाद।

संजय बेंगाणी · August 23, 2008 at 5:00 am

पूर्वी राज्यों में टी आर पी के लिए देबोजीत बीग बॉस की जरूरत है.

Anil Pusadkar · August 23, 2008 at 5:05 am

bebak,sateek aur dhardaar lekhan ki badhai

अनुराग · August 23, 2008 at 8:10 am

बिग बॉस के निर्माता ने दरअसल चुन चुन कर ऐसे लोगो को चुना है जो पहले से ही विवाद्स्पस्द है…ये उन लोगो की सोची हुई रणनीति का हिस्सा है……संजय कोई दूध के धुले नही है ….हाँ अलबता थोड़े परिपक्व ओर सुलझे हुए है या कहे घाघ इन्सान है …शब्दों के खेल जानना जानते है …..बाकि सारे नमूने है…..राहुल महाजन के पास अच्छा मौका था अपनी इमेज सुधारने का ….वो भी उन्होंने खो दिया…. सब पैसो का खेल है…

Shiv Kumar Mishra · August 23, 2008 at 1:36 pm

सत्य कल्पना भी ज्यादा चौकाने वाला हो सकता है. पहले टीवी कार्यक्रमों में हम ऐसे लोगों को देखते थे जो जिन्हें विवाद से दूर समझा जाता था. प्रोड्यूसर्स यही चाहते थे. केवल अच्छी इमेज बिकती थी. समय आगे बढ़ गया है. ज़माना बदल गया है. अब ऐसे लोग दो कौड़ी के समझे जाते हैं.

अब तो सबकुछ बिक सकता है. टीवी प्रोग्राम बनानेवालों को जितना भरोसा अपने कांसेप्ट पर नहीं है, उससे ज्यादा भरोसा जनता की पसंद-नापसंद पर है.

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी · August 23, 2008 at 1:54 pm

हर्ष जी, ब्लॉगरों के बीच इस कार्यक्रम की टी.आर.पी. बढ़ाने में आपकी ये पोस्ट काफ़ी मदद कर रही है। चैनेल वालों से कोई एग्रीमेण्ट न किया हो तो अब से कर लीजिए… सौदा अच्छा पट सकता है।

आपने ‘बिग-बॉस’ बहुत अच्छा परिचय दे दिए हैं। लगता है मुझे भी देखना ही पड़ेगा।

अभिषेक ओझा · August 23, 2008 at 3:20 pm

अच्छा तो ये सब चल रहा है… देख तो नहीं सकता… एक बार कोशिश भी की थी, पर जानकारी अच्छी लगी.

सतीश पंचम · August 23, 2008 at 3:55 pm

बिग्गी बनने की चाहत में सब के सब बिग डील में चल रहे हैं….फायदा सबका हो रहा है…चैनल वालों का भी….Participants का भी।

Gyandutt Pandey · August 23, 2008 at 4:25 pm

अरे ऐसा कोई कार्यक्रम भी चल रहा है। येत्तो मालुम न था।
जानकारी के लिये धन्यवाद।

श्रीकांत पाराशर · August 23, 2008 at 5:38 pm

sabse bada sach yah hai ki ye sab chhante hue log hain. aapne achha likha hai

vineeta · August 28, 2008 at 8:07 am

sach kaha aaapne, ye ghatiya star ka programe hai aur iski tulna ab landon ke big boss se kee pa rahi hai lekin keval vivado main ghire logo ko lene se hi show hit nahi ho jata. badhiya chitran….

chiya · September 2, 2008 at 4:47 am

sir aap ALINA ke baare main likhna bhul gaye….wahi alina jo NON CELEBRITY CATAGORY ke tahat aayi hai isme….kya big boss ko logo ki itni kami ho gayi thi jo non celebrity ko bhi lena padha 🙂

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