ये तस्वीर इस समय चर्चा में है। एक अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोले को ISIS आतंकवादियों ने मारा और उसी वीडियो की एक तस्वीर है ये। पत्रकार के भगवा कपड़े पर भी सवाल खड़ा होता है। मेरा सवाल बड़ा दूसरा है। ये वीडियो दुनिया को डराने के लिए है। लेकिन, ये डराने वाला कितना डरा हुआ है। इसका अंदाजा लगाइए। निहत्था, हाथ बंधा हुआ, जिसका मरना तय है। उसके सामने भी शकल दिखाने की हिम्मत नहीं। वीडियो दुनिया को डराने के लिए और खुद इतना डरा कि जाने कौन से वीराने में भी डर रहा है शकल दिखाने से। ये दुनिया की सबसे डरपोक कौम है जो खुद की सेना बनाती है, आतंकवादी बनती है। ये गली, मोहल्ले के लंपटों से भी कमजोर लोग हैं। बेवजह जेहादी यानी जो मौत से भी नहीं डरता, इस तरह से प्रचारित करके आतंकवादियों को सबसे मजबूत दिल साबित कर दिया गया है। लेकिन, सच्चाई इसके ठीक उलट लगती है। आतंकवादी वो लोग हैं जो सबसे डरपोक हैं। दबे, छिपे, चुपके से लोगों को मारते हैं और खुद को बहुत हिम्मती साबित करने की कोशिश करते हैं। ये थके हारे लोग हैं। 

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