ये साबित हो गया तो, राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी कालिख होगी। आंध्र प्रदेश के जनप्रिय नेता YSR Reddy की दुखद मौत के बाद हिला देने वाला सच सामने आ रहा है। उनकी मौत की घटना के तुरंत बाद करीब डेढ़ सौ लोगों के आत्महत्या करने, सदमे से मरने की खबर थी। अब तक ये आंकड़ा चार सौ के ऊपर बताया जा रहा है।

लेकिन, अब चौंकाने वाली खबर (मुझे तो खबर सुनने के बाद ही घिन सी आ रही है) ये आ रही है कि जगन सेना- ये वो गुलामों की ब्रिगेड है जो, YSR Reddy के बेटे जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अभियान चला रही है। बाप की मौत के बाद उसकी आत्मा की शांति का प्रयास करने के बजाए जगन आंध्र प्रदेश की ज्यादा से ज्यादा मौतों को अपने बाप की दुखद मौत का साझीदार बनाने की कोशिश कर रहा है। अब इन सबकी आत्मा को शांति कैसे मिल पाएगी।

खबर ये आ रही है कि YSR Reddy की मौत के बाद राज्य भर में जितनी भी मौतें हुईँ। उन सबको रेड्डी के बाद के दुखद असर के तौर पर प्रचारित करने की कोशिश हो रही है। सबसे घिनौनी बात ये कि इसमें रेड्डी के गुलाम अफसर भी मदद कर रहे हैं। खुद जिला कलेक्टर किसी भी कारण से मरने वाले लोगों के घर जाकर ये जानने या कहें कि साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि मरने से ठीक पहले रेड्डी का अंतिम संस्कार तो, नहीं देखा था या फिर YSR Reddy के मरने की खबर तो नहीं सुनी थी।


8 Comments

Kusum Thakur · September 17, 2009 at 6:20 am

जानकारी के लिए आभार ।

पी.सी.गोदियाल · September 17, 2009 at 6:22 am

लोग भी पागल है सा… ! आंध्रा तो मै समझता हूँ देश का सबसे कर्रप्ट राज्य है !

संजय बेंगाणी · September 17, 2009 at 7:30 am

नौटंकी कॉंग्रेस के डीएनए में है.

इष्ट देव सांकृत्यायन · September 17, 2009 at 11:28 am

क्या बात करते हैं सर! दक्षिण में राजनेताओं के लिए जो पागलपन या दीवानापन दिखया जाता है, उसके मूल में हमेशा से यही बात रही है. बस ये है कि मीडिया कभी कहता नहीं रहा है.

काजल कुमार Kajal Kumar · September 17, 2009 at 3:46 pm

धन्य है एसी राजनीति

Anil Pusadkar · September 17, 2009 at 7:06 pm

संजय सही कह रहे है।

Hindustan Creative Views · September 17, 2009 at 8:21 pm

Politics was never worse & will never, the main problem here is with these politicians, these people have made a tendency to make the profile of Indian politics as similar to some disease & not only them what we're doing is also matters, often we use to only raise issues, not a sinlge time I've witnessed any one accomplishing any issue,,am not blaming anybody, rather 'am trying to say "It's Time Now To Get Up & Move Forward Towards Some Effective Steps" OR, we must stop crying and complaining.

Mrs. Asha Joglekar · September 17, 2009 at 10:20 pm

marathi me ise kehate hain shaw ke taloo se makhkhan khana. Bhayankar hai sab.

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