सुशील कुमार मनरेगा के ब्रांड अबैंसडर बने

ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश दुखी हैं कि मनरेगा की चर्चा पत्रकार, मीडिया सिर्फ गलत संदर्भों में करते हैं। जयराम रमेश ने पत्रकारों से पूछा कि आप लोग मनरेगा की अच्छी बातों की चर्चा क्यों नहीं करते।
ये बातें उन्होंने तब कहीं जब वो सुशील कुमार को मनरेगा का ब्रांड अंबैसडर बना रहे थे।

सुशील कुमार वही हैं जो, कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ बच्चन के पूछे सवालों का जवाब देकर 5 करोड़ जीत गए हैं। सुशील कुमार चूंकि इत्तेफाक से मनरेगा में डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। बस इसी मौके को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लपक लिया है। लेकिन, सवाल ये है कि 5 करोड़ रुपए की लॉटरी जीतने वाला ब्रांड अंबैसडर बनकर 100 रुपया रोजाना 100 दिन पक्के तौर पर कमाने की गारंटी वाले लोगों को कैसी प्रेरणा देगा। कौन बनेगा करोड़पति में दे दनादन मैसेज भेजकर केबीसी की हॉट सीट पर बैठने की प्रेरणा और तुक्के पे तुक्का मारकर 5 करोड़ जीतने की प्रेरणा। जयराम रमेश विद्वान मंत्रियों में हैं लेकिन, उनका ये दर्शन मुझे तो समझ में नहीं आया।

सुशील कुमार  भी दार्शनिक हो गए हैं। जब उनसे ये पूछा कि आप मनरेगा का ब्रांड अबैंसडर बनकर उसके लिए कैसे मददगार होंगे तो, उनका जवाब ऐसा था कि दर्शन की किताबें कम पड़ें। आखिरी लाइन लिख रहा हूं। मनरेगा में काम करना ईश्वर की अराधना जैसा है।


2 Comments

प्रवीण पाण्डेय · November 14, 2011 at 3:32 pm

चलिये, कुछ भी भला हो जाये।

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी · November 15, 2011 at 4:14 pm

अधेरगर्दी इसी का नाम है।

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