मेरे मित्र है रंजय। हम लोग साथ-साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़े हैं। पढ़ने में बहुत अच्छे हैं। मुझसे तो बहुत ही अच्छे हैं। लेकिन, दुर्भाग्यवश प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल नहीं हो सके। और, मुझे लगता है कि अब वो उससे बेहतर ही काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव के समय इन लोगों ने विजन सिक्स नाम से पॉलीटिकल कंसल्टेंसी शुरू की। और, इलाहाबाद की शहर दक्षिणी विधानसभा से भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी केशरी नाथ त्रिपाठी के खिलाफ नंद गोपाल गुप्ता नंदी के चुनावी मैनेजमेंट का जिम्मा संभाला। नंदी अब चुनाव जीतकर मंत्री भी बन चुके हैं।

अब ये लोग विजन सिक्स के ही नाम से एक नई राजनीतिक पत्रिका भी शुरू कर रहे हैं। मेरे साथ ब्लॉगिंग में भी आ गए हैं। अभी बस शुरूआत की है। इनके ब्लॉग सरकारआपकी पर एक नजर डालिए और हिम्मत दीजिए।

समीरजी, ने एक नई शुरुआत की है। टिप्पणियों के साथ ये संदेश भी छोड़ रहे हैं। आप हिन्दी में लिखते हैं. अच्छा लगता है. मेरी शुभकामनाऐं आपके साथ हैं इस निवेदन के साथ कि नये लोगों को जोड़ें, पुरानों को प्रोत्साहित करें-यही हिन्दी चिट्ठाजगत की सच्ची सेवा है.

एक नया हिन्दी चिट्ठा किसी नये व्यक्ति से भी शुरु करवायें और हिन्दी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें.

शुभकामनाऐं.

-समीर लाल
(उड़न तश्तरी)

वैसे मैंने पहले भी कई लोगों को हिंदी ब्लॉगिंग से जोड़ा। अब समीर भाई हिंदी ब्लॉगिंग के हवाले एक और ब्लॉगर। और, मैथिलीजी से अनुरोध इन्हें भी ब्लॉगवाणी में जोड़ दें। दूसरे एग्रीगेटर भी अगर इसे खुद ही जोड़ें तो, बेहतर।


12 Comments

mahendra mishra · May 9, 2008 at 3:26 am

नए हिन्दी चिठ्ठाकार का हार्दिक स्वागत है आप बढ़िया कम कर रहे है आभार

lovely kumari · May 9, 2008 at 4:05 am

अच्छे कार्य के लिए बधाई स्वीकारें

DR.ANURAG ARYA · May 9, 2008 at 5:46 am

स्वागत है……

दिनेशराय द्विवेदी · May 9, 2008 at 9:33 am

रंजय के ब्लॉग पर घूम आए हैं। सरकार का घोषणा पत्र पढ़ आए हैं। अब क्रियान्वयन की प्रतीक्षा है। नए ब्लॉग के लिए रंजन और आप को भी बधाई।

mamta · May 9, 2008 at 10:15 am

रंजय जी का स्वागत है।
और आपका शुक्रिया नए ब्लॉगर से मिलवाने का।

Udan Tashtari · May 9, 2008 at 12:25 pm

बहुत बढ़िया. स्वागत है, ऐसे ही प्रयास जारी रखें. शुभकामनायें.

maithily · May 9, 2008 at 2:43 pm

धन्यवाद
रंजय जी ब्लागवाणी पर मौजूद हैं

siddharth · May 9, 2008 at 3:19 pm

हर्ष जी, ब्लॉगिंग की रोचक दुनियाँ में एक और भाई को जोड़ने के लिये साधुवाद।। उम्मीद है यूपी की राजनीति के स्थाई रंगों की पहचान कराने में यह मील का पत्थर साबित होगा।

Manish · May 9, 2008 at 9:05 pm

बहुत अच्छी बात है . अब मुझे ही देखिये समीर जी के दिए हौसले से यहाँ आ टपका हूँ ….:)

Manish · May 9, 2008 at 9:40 pm

आप जौनपुर गए वो भी पवन गोल्ड से नहीं लोकल से …… भाग्य आपका सही था . वर्ना आप ४ घंटे तो क्या ७ घंटे में भी नहीं पहुँच पाते .
मैं भी आजमगढ़ जाता हूँ (मेरा घर है ) तो पवन गोल्ड पकड़ने की ख्वाहिश लेकर ही बस अड्डे पहुंचता हूँ . अगर मिली तो ठीक .वरना खडे ही झूलते झूलते जौनपुर तक का सफर तय होता है .

अगर दुर्भाग्य वश लोकल बस मिल गयी तो फिर मत पूछिए क्या क्या नाटक होता है .आपतो सस्ते में निकल लिए .
पहले रास्ता गड्ढों से भरा पडा होता था और बेचारी लोकर बस फूलपुर आते आते दम तोड़ देती . अब जिनके पास हलके बैग हैं वो तो मस्त होते थे बाकी जो लद फन कर सफर करते हैं वो बोरिया टाँगे इधर उधर मडराते रहते थे . अब हालत में थोडा बहुत परिवर्तन आया है सड़के उखाड़ दी गयीं हैं और निर्माण कार्य चल रहा है . बस जब रूकती है और रेलमपेल शुरू होता है तब असली मज़ा आता है .खैर आप सकुशल पहुँच गए .इश्वर की बड़ी कृपा रही होगी आप पर .वरना हर कोई ४ घंटे में लोकल से जौनपुर नहीं पहुँच पाता .

इसीलिए आपके प्रिय मित्र मनीष ने पवन गोल्ड पकड़ने की सलाह दे दी थी

सुनीता शानू · May 11, 2008 at 6:31 am

शुक्रिया हर्षवर्धन भाई…हम भी कोशिश करेंगे नये ब्लॉगर्स जोड़ने की…

Anonymous · May 17, 2008 at 12:30 pm

Hello, my name is also harshvardhan and I’m from pratapgarh. nice hindi blog. keep up the good work

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