5 star embarrassment – ये शब्द ठीक से मेरे अनुभव में कल पहली बार आया। वैसे अंग्रेजी भाषा ही है कि कब कौन प्रेम में लड़िया रहा है और उसी शब्द पर कौन गुस्से से लतिया रहा है। खास फर्क मालूम नहीं पड़ता। खैर, कल ये 5 star embarrassment हुआ है यूपीए सरकार को।

वजह बने हैं उनके 2 मंत्री। विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और उनके डिप्टी साहब शशि थरूर। थरूर साहब तो बरसों यूनाइटेड नेशंस में रहे हैं और उन्हें महंगे होटलों की-शानो शौकत की आदत रही है। इसलिए शायद उन्हें अंदाजा ही नहीं लगा कि होटलों में रहने से कौन सा वो देश की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं। भारतीय जनता के जरिए उनका चुनाव भी पहली बार हुआ है। इससे पहले के चुनाव तो, वो इलीट स्टाइल के लड़ते थे, कभी जीतते थे-कभी हारते थे। लेकिन, कृष्णा साहब तो, भारतीय जनता की नुमाइंदगी करते आ रहे हैं- क्या उन्हें भी समझ में नहीं आया कि वो, क्या कर रहे हैं। …

दरअसल इन मंत्रियों को सब समझ में आया लेकिन, इन्हें अच्छे से पता है कि खर्च घटाने का प्रधानमंत्री-सोनिया का एलान बस सरकारी छवि को चमकाने-दुरुस्त रखने की कवायद भर है। कहां-कौन से मंत्री का काफिला घट रहा है। कहां किस मंत्री का होटल में मजे मारना रुकने वाला है। अब दोनों मंत्री कह रहे हैं कि होटल का खर्च वो अपनी जेब से दे रहे थे। अब ठीक है कि दोनों मंत्रीजी लोगों की संपत्ति करीब 15 करोड़ रुपए के आसपास है। लेकिन, ये बात पचती नहीं कि ये अपनी अब तक की सारी जमा-बचत, बंगला न मिलने तक दिल्ली में होटल में रहने पर उड़ा देंगे।

कितना हास्यास्पद लगता है कि जिस मौर्या शेरेटन और ताज मानसिंह के लग्जरी सुइट्स का किराया चालीस हजार और एक लाख रुपए से शुरू होता है वहां, मंत्रीजी लोगों को कमरा सिर्फ चार हजार रुपए पर मिल गया। अब रेट तो, इससे कई गुना ज्यादा है तो, क्या मंत्रीजी को बेवजह होटल ने इतना सस्ता कमरा दे दिया। आगे देखते रहिए मौर्या शेरेटन और ताज मानसिंह होटल पर ये दोनों मंत्री मेहरबानी करने से खुद को कैसे रोक पाते हैं। आखिर इतना सस्ता कमरा 100 दिन से ज्यादा के लिए देकर होटलों ने भी तो मंत्रीजी पर मेहरबानी की है। ये खुलेगा तो, फिर एक बार सरकार शर्मसार हो जाएगी। पता नहीं वो, वाला 5 star embarrassment होगा या कुछ और।

वैसे ये मंत्रीजी लोग हैं गजब सरकार को शर्मसार करने का कोई मौका छोड़ते नहीं हैं। अब इससे पहले वाला मौका तो, लगभग सब भूल गए थे। इसलिए ये वाला सबके सामने आना जरूरी था। आखिर, शर्मसार करने वाली छवि पिछले कार्यकाल में तब के गृहमंत्री शिवराज पाटील साहब ने कितने अच्छे से निभाई थी। कितना मीडिया ने हल्ला किया, कितने आतंकवादी हमले हुए। पर, भाई पूरी शान से चमकता सूट पहनकर ही निकला, धमाकों की साइट देखने। और, इस छवि को बनाए हुए ही कैबिनेट से विदा हुए अपने पाटील साहब। इस बार पता नहीं क्यों पाटील साहब हैं नहीं तो, कृष्णा साहब में मुझे उनकी छवि अकसर दिखती है।

और, पाटील साहब की विरासत को कृष्णा साहब सलीके से आगे बढ़ा रहे हैं। थरूर साहब जुड़े हैं इंटरनेशनल शख्सियत हैं, इसी बूते तो, UN के डिप्टी सेक्रेटरी से भारत कैबिनेट मिनिस्टर तक का सफर तय कर लिया। इसीलिए विदेश मंत्री द्वय 5 star embarrassment  से पहले International embarrassment भी करा चुके हैं। वहीं शर्म-अल-शेख में। शर्म-अल-शेख, बलूचिस्तान के फसाद में भारत का हाथ होने की जांच का भरोसा …. आप भूल गए थे ना, इसीलिए साहब लोगों को फिर ये सब करना पड़ा। आप इनकी काबिलियत याद रखिए वरना जब भूलेंगे ये फिर याद दिलाएंगे, शर्मसार करेंगे। sorry ये बड़े लोग हैं शर्मसार नहीं करेंगे embarrassment और वो भी 5 star। सोनियाजी, मनमोहनजी सुन रहे हैं ना। खैर, हमारे जैसे लोगों की आवाज आप तक कहां पहुंचती होगी। फिर भी हम आशावादी भारतीय हैं …


7 Comments

Mrs. Asha Joglekar · September 9, 2009 at 2:41 pm

Aaj hee interview dekha Krishan sahb ka cheen ke atikraman Pakistan kee seenajoree aur Nepal kee jurrat tatha 5* emabarasement ke bare men. Bharat bada desh hai chote mote atikraman to hote rehate hain Pakistan badmash hai use handle karane ke liye patience chahiye aur Nepal sarkar to hamaree mitr hai. Yahee jawab the unke kuch jalate sawalon ke jawab men ab aap likhate rahiye aur hum gana gayenge Aansoo na baha fariyad na kar dil jalata hai to jalane de.

काजल कुमार Kajal Kumar · September 9, 2009 at 4:44 pm

पूरी की पूरी IFS ही जब बुर्जुआ बनी बैठी हो तो एेसे कुनबे के कुलाधिपति भला 5 सितारा होटलों में क्यों न रहेंगे…इन्हें किसान से क्या लेना.

Pankajj · September 10, 2009 at 5:13 am

Agar inko room 4000/-per day rent oe mila hai to saari ministry ko 5 star me shift kar do. kharche bhi bachenge

आलोक सिंह · September 10, 2009 at 7:41 am

हमारे जैसे लोगों की आवाज उन तक कहां पहुंचती होगी। फिर भी हम आशावादी भारतीय हैं ..शायद उन तक ये आवाज पहुँच जाये

दिगम्बर नासवा · September 10, 2009 at 9:51 am

ANGREZ LOG YE PARMPARA CHOD GAYE HAIN AUR HAMAARE NETA LOG ISKA PAALAN KAR RAHE HAIN ….. JAI HO SAMAAJVAAD

Rakesh Singh - राकेश सिंह · September 10, 2009 at 4:32 pm

भाई होटल का किराया ४००० मैं भी ना जाने कौन से राज छुपे हैं ? और ये शायद राज ही रह जाएगा | वैसे भी कांग्रेस की सरकार हजारों राज (लाल बहादुर शास्त्री निधन, १९६२ का युद्ध विश्लेषण, संजय गाँधी हादसा ……. ) अभी तक छुपाये बैठी है |

बंधू बहुत बढिया लिखा है | लगे रहिये … जीत हमारी ही होगी |

prabuddhashoots · September 10, 2009 at 5:46 pm

बाल बाल बच गए। अरे वो नहीं हम…वो तो दिल्ली में कोई 7 स्टार नहीं है नहीं तो वहीं नज़र आते दोनों। कह रहे हैं कि ख़ुद के ख़र्च पर रुके थे। अरे फ़िज़ूलख़र्ची बंद करो भाई…वैसे अब तक सुना था मंत्रालय चीज़ों पर जनता को सब्सिडी देते हैं, यहां तो होटल ने ही किराए में सब्सिडी देदी। बढ़ि..या है।

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