कुंभ में इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ ने कुंभ के सारे इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन, यहां सच यही है कि कुंभ क्षेत्र यानी गंगा की रेती पर बसा अस्थाई शहर पूरी तरह से इंतजाम से दुरुस्त था। असल गड़बड़ी रेलवे की है। और, इस एक गड़बड़ी ने दुनिया भर से इस नायाब मेले को देखने-समझने आए और इससे अभिभूत लोगों के सामने भारतीय सरकार की बदइंतजामी जाहिर कर दी। इसे बेहतर करने की जरूरत है। कम से कम इसी बहाने अगर रेलवे के देश में कम से कम एक दोहरे ट्रैक की जरूरत पूरी की जा सके। रेल बजट और बजट के महीने का भी संयोग बन रहा है।


2 Comments

Neetu Singhal · February 11, 2013 at 9:53 am

सरकार की ऐसी क्या विवशता थी की ऐसे संवेदनशील समय में जब
की कुम्भ आयोजन में करोड़ों का जन समूह एकत्रित है गुरु को लटकाए
जाने का समाचार प्रसारित किया, समय आगे-पीछे भी हो सकता था
इस स्थिति में यदि कुम्भ मेले में कोई आतंकी घटना हो जाए तो मानव
क्षति का आकलन सहज ही किया जा सकता है,
सरकार अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं हेतु देश की
जनता के जीवन से खेल रही है…..

Rajendra Kumar · February 11, 2013 at 10:33 am

सच लिखा है आपने,कल से मैं इस घटना को सुनकर बहुत ही दुखी हूँ.

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