भारतीय बैंकिंग तंत्र बड़े खतरे में दिख रहा है। उद्योगपतियों ने जमकर कर्ज लिया और कर्ज वसूली का पक्का तंत्र न होने से बैंकों का लाखों करोड़ रुपए का कर्ज डूब गया है। अब यह मुश्किल इतनी बड़ी हो गई है कि, सरकार को भी सूझ नहीं रहा है कि, क्या करें? आखिर यह समस्या इतनी बड़ी कैसे हो गई, लोकसभा टीवी के विशेष कार्यक्रम में यही मैंने समझाने की कोशिश की है।


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