भारत में कम्पनियां बर्बाद हो जाती हैं। लेकिन, उनके मालिक ज्यादा आबाद होते हैं। विजय माल्या का एक बड़ा उदाहरण है। कम्पनी की बर्बादी मतलब उस कम्पनी में पैसा लगाने वालों का बर्बाद हो जाना, कम्पनी में काम करने वालों का बर्बाद हो जाना, कम्पनी के साथ जुड़े लोगों का अहित हो जाना। लेकिन, कम्पनी का मालिक मजे से कम्पनी को दिवालिया करके खुद करोड़पति, अरबपति हो जाता है।


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