राजनीति

ममता की मुस्लिम राजनीति से मुसलमानों का कितना भला

ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की जनता लगातार जनादेश दे रही है। लोकतंत्र में सबसे ज्यादा महत्व भी इसी बात का है। लेकिन, जनादेश पाने के बाद सत्ता चलाने वाले नेता का व्यवहार भी लोकतंत्र में अत महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि, वही आगे की जमीन तैयार करता है। ममता बनर्जी Read more…

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अखबार में

कांग्रेस को नया नेता खोजने पर जोर देना चाहिए

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ निजी तौर पर मेरी बड़ी सहानुभूति है। और इस सहानुभूति की सबसे बड़ी वजह यह है कि निजी तौर पर राहुल गांधी मुझे भले आदमी नजर आते हैं। लेकिन, मुश्किल यह है कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए सिर्फ भला आदमी होना पर्याप्त योग्यता नहीं Read more…

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बतंगड़ ब्लॉग

मृणाल पांडे की जमकर आलोचना क्यों जरूरी ?

जानी मानी लेखिका, हिन्दुस्तान अखबार की पूर्व प्रधान सम्पादक और प्रसार भारती की पूर्व चेयरमैन मृणाल पांडे ने ट्विटर पर ऐसा लिख दिया है जिसे, मृणाल पांडे के समर्थन में उतरे लोग आलोचना कह रहे हैं। लेकिन, दरअसल उनका लिखा हमारे समाज के बुद्धिजीवियों की गिरावट का बड़ा संकेत है। Read more…

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बतंगड़ ब्लॉग

अच्छी हिन्दी न आने का अपराधबोध !

बच्चा अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ता है या नहीं? अब यह सवाल नहीं रहा, एक सामान्य जानकारी भर रह गई है। हां, जिसका बच्चा अभी भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में नहीं पढ़ रहा है, ऐसे लोग अब समाज में अजीब सी दृष्टि से देखे जाते हैं। अंग्रेजी कितनी आती है, Read more…

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वीडियो

बच्चों का स्वामी विवेकानन्द से परिचय का समय

स्वामी विवेकानन्द पर शायद ही कोई विवाद कर सके, बावजूद इसके स्वामी जी के जीवन चरित्र के बारे में हिन्दुस्तान के बच्चों-बड़ों का खास ज्ञान नहीं है। सिवाय इसके कि उन्होंने शिकागो भाषण दिया था और भगवाधारी संन्यासी थे। शायद भगवाधारी संन्यासी होने की वजह से लम्बे समय तक सरकारों Read more…

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अखबार में

पूरे नोट लौट आने का मतलब नोटबन्दी फेल होना नहीं है !

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नोटों के आंकड़े ने नोटबन्दी के फैसले के खिलाफ पहले दिन से तर्कों की धार तेज कर रहे लोगों को और धारदार तर्क दे दिया है। एक पंक्ति में महीनों की नोटबन्दी की प्रक्रिया को देश और अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बता दिया गया। उस Read more…

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बतंगड़ ब्लॉग

सन्देह का दायरा

JNUSU में जीत से वामपन्थियों का उत्साह हिलोरे ले रहा है। आसमान पर हैं वामपन्थी, इस समय। वामपन्थियों की राजनीति एक खास तरह की है। उस राजनीति में दूसरे पर सन्देह बढ़ाकर अपना भरोसा बढ़ाया जाता है। गौरी लंकेश की हत्या और अब जेएनयू में छात्रसंघ चुनाव जीतकर वामपन्थी फिर Read more…

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राजनीति

बुद्धिजीवी कौन है?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के बुद्धिजीवियों को भाजपा विरोधी बताने के बाद ये सवाल चर्चा में आ गया है कि क्या बुद्धिजीवी एक खास विचार के ही हैं। मेरी नजर में बुद्धिजीवी की बड़ी सीधी सी परिभाषा है।

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राजनीति

स्वतंत्र पत्रकारों के लिए जगह कहां बची है?

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुद्धिजीवियों पर ये आरोप लगाकर नई बहस छेड़ दी है कि बुद्धिजीवी बीजेपी के खिलाफ हैं। मेरा मानना है कि दरअसल लम्बे समय से पत्रकार और बुद्धिजीवी होने के खांचे में स्वतंत्र लोगों के लिए बहुत कम जगह छोड़ी गई, उसी का ये नतीजा है।

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बतंगड़ ब्लॉग

गौरी लंकेश की हत्या के बाद मीडिया की स्थिति पर ऑस्ट्रेलिया के एसबीएस रेडियो से बातचीत

बैंगलुरू में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, दुनिया के लिए चर्चा और चिन्ता का विषय बना है। लेकिन, इससे दुनिया में भारतीय पत्रकारों के वैचारिक विभाजन पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया के #SBSRadio से मेरी बातचीत

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