बतंगड़ ब्लॉग

मायावती के चेहरे पर भी फूलपुर में संयुक्त विपक्ष के लिए मुश्किल

बिहार में जिस तरह से नीतीश कुमार ने पाला बदला है। उससे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता की हवा निकल गई है। अब बड़ा सावल ये है कि क्या लालू प्रसाद यादव अब भी उत्तर प्रदेश के लोकसभा उपचुनाव के लिए मायावती, अखिलेश और कांग्रेस को एक साथ लाने की Read more…

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इस बार नीतीश के मुख्यमंत्री बनने को नए नजरिये से देखिए

भारतीय राजनीति में आर्थिक नजरिये को हमेशा बड़ी हेय दृष्टि से देखा जाता रहा है। उसी का परिणाम रहा कि देश के 2 सबसे बड़े राज्य देश के सबसे पिछड़े राज्य बने रहे। बावजूद इसके कि ये दोनों राज्य राजनीतिक तौर पर हमेशा अगुवाई करते रहे। शायद अब नई राजनीति Read more…

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सरकार बनाने का काम नेताओं का होता है, पत्रकारों को ये बात समझ में आना जरूरी

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मैं भी पटना और उससे सटे इलाकों में था। बिहार के लगभग हर इलाके के लोगों से बातचीत होती थी। संयोगवश सबसे ज्यादा बातचीत भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं से ही होती थी। पत्रकारों से भी होती थी। सबसे बातचीत में एक ही ध्वनि Read more…

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सभा-संगत

नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में हिन्दी पत्रकारिता पर चर्चा

नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में 2 दिनों का खबर महोत्सव हुआ। 21-22 जुलाई को हुए इस महोत्सव में दुनिया भर के पत्रकार शामिल हुए। 21 जुलाई को एक सत्र हिन्दी पत्रकारिता पर हुआ। इसमें इस बात पर चर्चा हुई कि क्या हिन्दी पत्रकारिता को सरकारी नीतियों और मीडिया में Read more…

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वीडियो

नीति निर्धारण में हिंदी मीडिया की जगह

पत्रकार, ब्लॉगर हर्षवर्धन त्रिपाठी का मानना है कि खुद मीडिया में हिन्दी का प्रभाव कम होने से सरकारी नीतियों में हिन्दी मीडिया का दखल कम है  

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अखबार में

‘कृष्णा’ के दौर में भी ‘कृष्ण’ बने रहना मामूली बात नहीं

रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति हो गए। आज ‘राम’नाथ की ही चर्चा का समय है। लेकिन, इस समय मैं ‘कृष्ण’ की बात कर रहा हूं। हालांकि, मैं कृष्ण भगवान की चर्चा मैं कतई नहीं करने जा रहा हूं कि कैसे कृष्ण इस्कॉन और अग्रेजों की संगत में पहुंचकर कृष्णा Read more…

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मायावती को इस्तीफा देने की याद क्यों आई ?

बहुजन समाज पार्टी के ट्विटर खाते से ये बात मायावती को लोकसभा चुनाव परिणाम के तुरन्त बाद अच्छे से ध्यान में आना चाहिए था। क्योंकि, उत्तर प्रदेश ने हाथी निशान पर एक भी व्यक्ति को संसद में पहुंचने लायक नहीं माना। चलिए उस समय ध्यान में नहीं आया। उत्तर प्रदेश Read more…

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