स्वामी विवेकानन्द पर शायद ही कोई विवाद कर सके, बावजूद इसके स्वामी जी के जीवन चरित्र के बारे में हिन्दुस्तान के बच्चों-बड़ों का खास ज्ञान नहीं है। सिवाय इसके कि उन्होंने शिकागो भाषण दिया था और भगवाधारी संन्यासी थे। शायद भगवाधारी संन्यासी होने की वजह से लम्बे समय तक सरकारों ने उनके जीवन चरित्र के बारे में बच्चों को बताना तक जरूरी नहीं समझा। जरूरी है कि सभी बच्चों को स्वामी जी के जीवन चरित्र से अच्छे से परिचित कराया जाए।