राजनीति हमेशा से लठैतों के साथ होती रही है। बड़े अच्छे नेताओं के भी लठैत होते रहे हैं। लेकिन, मीडिया में लठैत युग आ जाएगा, इसकी कल्पना कम ही थी। क्षेत्रीय स्तर पर अखबारों के कुछ सम्पादकों के पास लठैत टाइप के पत्रकार होते रहे हैं। लेकिन, राष्ट्रीय मीडिया में भक्ति काल से आगे बात नहीं बढ़ी। पहली बार ऐसा हो रहा है कि मीडिया में ट्रोल काल आ गया है। समझिए कैसा है यह मीडिया का ट्रोल काल


1 Comment

Dileep shukla · October 4, 2017 at 1:52 pm

Sir, I big follower of you.
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Dileep
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