आसान रास्ते सबको अच्छे लगते हैं। निजी जीवन में भी और सरकारों को भी। इस कदर कि आसान रास्ते चलते निजी जीवन के फैसले अपनी जिन्दगी को तबाह कर देते हैं और आसान रास्तों से सरकार लोगों का जीना दूभर कर देती है। दिल्ली-NCR में 2 दिनों से लोगों को इस बात अहसास अच्छे से हो रहा है। अच्छा रहा कि इस बार मर्यादा पुरुषोत्तम ने माननीय न्यायाधीशों को बुद्धि दे दी कि दीपावली की मर्यादा बची रह गई। लेकिन, अभी इस दम घुटती जिन्दगी का विकल्प हमारे शासक तलाशते नहीं दिख रहे हैं। वे आसान रास्ता की तलाश में हैं, जैसे ही समझ में आया, एलान कर देंगे। आप निश्चिन्त रहिए।


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